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प्रत्यायन

क्वालिटी मेनेजमेन्ट सिस्टम (आइ एस ओ 9001: 2008)

व.उ.चिदम्बरनार पत्तन न्यास के पास, संरचना एवं संचालन के अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पालन करने का शानदार रिकार्ड है । भारत में यह पहला महा पत्तन है जिसने, पत्तन क्षेत्र में जब आइ एस ओ का विचार नया था, क्वालिटी मेनेजमेन्ट सिस्टम को कार्यान्वयन किया । इसके प्रयास को वर्ष 1996 में उस समय के आइ एस ओ 9002: 1994 मानक के प्रत्यायन से, पुरस्कृत किए गए ।
क्वालिटी मेनेजमेन्ट सिस्टम को वर्ष 1996 से ही अध्यवसायपूर्ण रूप से पत्तन में अनुपालन किया गया ने, ऑप्टीमल ग्राह संतुष्टि को प्राप्त करने के लिए इसके कार्यकलापों को सरल और कारगर बना देने के दानों लक्ष्यों को पाने की ओर इसकी प्रक्रियाओं, प्रणाली एवं नीतियों को परिस्थिति के अनुकूल बनाने में सहायता की है । पत्तन को, अप्रैल, 2003 में संशोधित मानक का पालन करने के लिए और उसके बाद अप्रैल, 2009 में आइ एस ओ 9001: 2008 के अधीन प्रमाणित किया गया ।

क्वालिटी पॉलिसी

“अनुकूलतम लागत पर समुद्रवर्ती व्यापार के लिए सुविधाओं और सेवाओं में नियमित सुधार लाते हुए ग्राहक की संतुष्टि सुनिश्चित करना”

पर्यावरण प्रबंध प्रणाली (आइ एस ओ 14001: 2004)

पत्तन ने, र्प्यावरणीय प्रबंध पर समाज के दायित्वों को पूरा करने हेतु अपनी जिम्मेदारी के एक भाग के रूप् में, जुलाई, 2003 से आइ एस ओ 14001: 2004 के अधीन पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली को कार्यान्वित किया ।

पर्यावरणीय नीति

” व.उ.चिदमबरनार पत्तर, लगातार सुधार एवं कानूनी पालन के लिए र्प्यावरणीय प्रबंध प्रणाली के कार्यान्वयन के जरिए अपनी गतिविधियों में र्प्यावरणीय संरक्षा के लिए जिम्मेदार है ”।
पत्तन की र्प्यावरणीय नीति, कानूनी आवश्यकताओं के अनुकूल दक्ष एवं धारणीय पर्यावरणीय प्रणाली को अपनाते हुए लगातार सुधार लाने, धारणीय प्रदूषण नियंत्रण सहित समुद्री व्यापार बढाने एवं बरबादी कम करने और पत्तन समुदाय में र्प्यावरणीय जागरूकता का सृजन करने के लिए अपनी जिम्मेदारी बताता है ।

आइएसपीएस कोड अनुपालन

‘‘ व. उ. चिदम्बरनार पत्तन न्यास, अपने सभी कर्मचारियों, पत्तन उपभोक्ताओं एवं जहाज़ों और उसके कार्मिकों के लिए बचाव और सुरक्षित कार्यरत वातावरण को प्रबंध करने के लिए, वचनबद्ध है ; इसे, जनता, कार्गो और समुद्रीय परिसंपत्तियों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने हेतु आवश्यक सुरक्षा उपायों की स्थापना एवं रखरखाव करते हुए प्राप्त किया जाएगा ‘‘.